प्रोक्रस्टिनेशन यानि आलस कैसे दूर करे

प्रोक्रस्टिनेशन यानी  चीज़ों  को टालना उन्हें न करना।  काम करने के इंटेंशन के बावजूद भी उसे पोस्टपोन करना। इन शार्ट, आप इससे आलस भी कह सकते है, और  आलस , किसी भी इंसान की ज़िन्दगी का सबसे बड़ा दुस्मन होता है। जब भी कोई इंसान आलसी हो जाता है तो उसकी सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये होती है की वह ालश की चैन को ब्रेक नहीं कर पता। आलस छोड़ने में भी आलस करता है।

दोस्तों प्रोक्रस्टिनेशन का शिकार हर वक़्त यही कोशिश करता है की वो प्रोक्रस्टिनेशन के जेल से निकल जाए। हु अपने घर के पर्दो से लेकर अपने स्टेट ऑफ़ माइंड तक सब कुछ बदल लेता है। ताकि उसे काम करने का मन करे लेकिन फिर भी हु हार जाता है । इसके पीछे एक रीज़न है एक साइकोलॉजिकल रीज़न। और वो ये है, की वो पिछली रात भी हार कर सोया था। इसको इस तरह से समझो की कोई भी इंसान दो ही स्टेट ो माइंड में सोता है सटिस्फीएड और नॉट सटिस्फीएड। या तो उसने पिछले दिन कुछ  प्रोडक्टिव काम किया या नहीं किया। यानी की या तो वो हार कर सोया या जीत कर सोया । जीत कर सोने में फायदा ये है की अगले दिन कॉन्फिडेंस बना रहता है । हार कर सोने में कॉन्फिडेंस उड़ जाता है ।लेकिन जीत कर कैसे सोएं ? इसके लिए आपको ये समझना होगा की  प्रोक्रस्टिनेशन  आखिर है क्या ? ये एक चैन है, बड़े काम से डर की और आराम से लालच की प्रोक्रस्टिनेशन से छुटकारा पाने का एक ही तरीका है। ब्रेक थे चैन ! चैन को टॉड दो! जिस वक़्त रीलीज़ हो की बस अब बहुत हो गया ! बहुत टाइम  वास्ते कर दिया! उसी वक़्त उठ जाओ। अपना काम करने बैठ जाओ। इंटैलिय मन नहीं करेगा मन इधर उधर भटकेगा, काम के अलावा हर तरफ अत्त्रक्ट होगा और हो सकता है की कुछ देर बाद आपको अपनी चेयर से भी उठने का मान करे। लेकिन ना उठने के लिए आपको क्या करना है? उसके लिए आपको अपने टास्क को टुकड़ों में बाटना है। उससे छोटे छोटे पार्ट्स में कम्पलीट करना है। इससे वो छोटा सा काम आपका आसान लगने लगेगा और आप उससे easily  फिनिश कर पाओगे।

इस फर्स्ट स्टेप से आप एक मोमेंटम बिल्ड करोगे एंड सलौली एंड स्टडिल्य एक वर्क फ्लो में आओगे।

अब यह वही है जो आपको चाहिए, वर्क फ्लो ! जहाँ चीज़े अपने आप हो रही है, आपके दिमाग में खुद बा खुद आइडियाज आ रहे है और आपको ज़्यादा एफर्ट लगाने की भी ज़रूरत नहीं पढ़  रही। एफर्ट के वजह से ही तो आप उस टास्क को पहले अवॉयड कर रहे थे पर क्यूंकि अब आप फुल्ली फोकस्ड हो। सो आपका ब्रेन अब टॉप गियर में काम करेगा और अधिकतम क्षमता के साथ उस टास्क को फिनिश करेगा। अब हो सकता है की आपके लिए ये फर्स्ट बेबी स्टेप भी ज़्यादा हो या वो भी करने का मन न करे। फिर उस केस में आप काम से कम  एक विशिष्ट अवधि के लिए  उस काम को करने का प्रयास कर सकते हो। जैसे सिर्फ ३० मिनट के लिए उस रीसर्च पे काम करो या उस टेस्ट के लिए तयारी करो। इसे क्या होगा की जिस काम से आप भाग रहे थे वो काम आपको आसान लगने लगेगा। सिर्फ ३० मिनट काम करने से आप प्रोक्रस्टिनेशन मोड से वर्क मोड में आ जाओगे। आप अपने काम को एन्जॉय करने लगोगे और अब बोल उठोगे की ये टास्क उतना भी मुश्किल नहीं  था जितना की आप इससे समझ रहे थे। अब जब आप ये स्टेप फॉलो करते हो तब आपको एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट चीज़ जरूर करनी है की आप इस दौरान डिस्ट्रक्शन से दुर् रहो । नहीं तो आप वापिस प्रोक्रस्टिनेशन  करना शुरू कर दोगे। जब भी आप अपने वर्क जोन में हो तब सबसे पहले सभी व्याकुलता को खत्म करे। और सब जरूरी फ़ोन को airplane मोड में डालो या फिर सोशल मीडिया साइट्स से लॉगआउट कर लो। ताकि उस दुराण आपको कोई नोटिफिकेशन न आये और आपको फ़ोन बार बार चेक करने की ऊर्जे ना हो । क्यूंकि बाकी चीज़ों के मुकाबले में नोटिफिकेशन नंबर १ फोकस एंड प्रोडक्टिविटी किलर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *